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छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के पदोन्नतियों पर आरक्षण का प्रतिशत बढ़ी

रायपूरः सितम्बर 04, 2012:

 

छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रीमंडल ने कल सोमवार को हुई बैठक के एक महत्वपूर्ण निर्णय में शासकीय नौकरियों में आदिवासी आरक्षण में वृद्धि के लिए गठित जेवियर तिग्गा कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है।
  

      पिछले दिनों पदोन्नतियों में आरक्षण वृद्धि के अध्यायन व सिफारिश के लिए राज्य शासन ने सामान्य प्रशासन विभाग के संयुक्त सचिव जेवियर तिग्गा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय कमेटी गठित की थी तिग्गा कमेटी ने आरक्षण में वृद्धि की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट अगस्त मध्य में सचिव श्री मनोज पिंगआ को सौंप दी थी। तदनूसार सामान्य प्रशासन विभाग ने इसे लागू करने, मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्ताव पेश किया था जिसे हरी झण्डी दे दी गई। मंत्रिमंडल के निर्णयानुसार वर्तमान में प्रथम श्रेणी के उच्च वेतनमान के पदों पर योग्यता सह वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति में अनुसूचित जाति लिए 15 और अनुसूचित जनजाति के लिए 23 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। अब इस प्रावधान में संशोधन करते हुए अनुसूचित जाति के लिए 12 और जनजातियों के लिए 32 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय लिया गया। इसी तरह वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर पदोन्नतियों में द्वितीय श्रेणी के पदों पर द्वितीय श्रेणी के अन्तर्गत पदों पर तथा द्वितीय श्रेणी से प्रथम श्रेणी के पदों पर पदोन्नति में अनुसूचित जाति के लिए 15 प्रतिशत और जनजाति वर्ग के लिए 23 प्रतिशत के प्रावधान को भी संशोधित कर अनुसूचित जाति के लिए 12 प्रतिशत और जनजाति वर्ग के लिए 32 प्रतिशत आरक्षरण करने का निर्णय लिया गया। इसी तरह तृतीय श्रेणी के अन्तर्गत तथा चतुर्थ श्रेणी के अंतर्गत पदों में पदोन्नति में वर्तमान में अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत और जनजातियों के लिए 23 प्रतिशत के आरक्षण प्रावधान को संशोधित कर क्रमशः 12 और 32 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया।
 

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