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अन्तर्राष्ट्रीय करमा महोत्सव धूमधाम से नेपाल के तनमुना में मनाया गया

काठमांडू, नेपालः अक्टूबर 11, 2012

 

नेपाल उराँव राष्ट्रिय विकास परिषद, ईनरुवा सुनसरी के अथक मेहनत, प्रयास व तत्वावधान में पहली बार विश्वस्तरीय करमा महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें नेपाल के अतिरिक्त भारत से भी उराँव आदिवासी बहुत अधिक संख्या में भाग लिया। श्री रामकिशुन उराँव ने काठमांडू से कुँड़ुख़ वर्ल्ड को यह जानकारी दी कि अक्टूबर 05-06, 2012 को बड़ी धूमधाम से अन्तर्राष्ट्रीय करमा महोत्सव-2012 थान टोली(तनमुना) में मनाया गया। उत्सव में आदिवासी नेताओं ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उराँव समाज को जोड़ने और उनके सांस्कृतिक, पारम्पारिक, शैक्षणिक, धार्मिक, आर्थिक एवं राजनैतिक विकास के सम्भावनाओं एवं उपायों पर विशेष रूप से जोर दिया।  

     बताया जाता है कि इस कार्यक्रम में भारत के झारखण्ड, छत्तीसगढ, उड़िसा, पश्चिमी बंगाल और बिहार से सरना समाज के विभिन्न दलों को मिलाकर कुल 300 लोग अपने पारम्पारिक परिधानों, वाद्य-यंत्रों और नृत्य झाँकियों के साथ कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। नेपाल के भोकहा-7, सुनसरी, शिशबनी, बड़हरा, मोरङ, सुघराआ, बरहथा-1, महनौर, तनमुना, दामाबंदी, चिताहा, पोकार्च, इनरूवा-2 आदि जगहों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए।

     इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनोवा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति श्री रविन्द्रनाथ भगत थे। इसके अतिरिक्त आदिवासी भाषा विभाग, राँची विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. हरि उराँव, महेश भगत, प्रविण उराँव, उपेन्द्र उराँव, मिटकु भगत, विरेन्द्र भगत, जीतू उराँव, रवि तिग्गा, मणिलाल केरकेट्टा, सोमे उराँव, संजय कुजूर आदि धार्मिक अगवे व प्रतिनिधि उपस्थित थे।     

 

        इस अर्तर्राष्ट्रीय करमा महोत्सव को सफल बनाने में नेपाल उराँव राष्ट्रीय विकास परिषद के अध्यक्ष श्री शिव नारायण उराँव, सचिव श्री खड़ग नारायण उराँव, रामकिशुन उराँव, श्री बलराम उराँव, श्री जनकलाल उराँव तथा कविराज उराँव ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

       

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